जीवन से भरी तेरी आँखें
मजबूर करे जीने के लिये जीने के लिये
सागर भी तरसते रहते हैं
तेरे रूप का रस पीने के लिये पीने के लिये
जीवन से भरी तेरी आँखें
तस्वीर बनाये क्या कोई
क्या कोई लिखे तुझपे कविता
रंगों छंदों में समाएगी
रंगों छंदों में समाएगी
किस तरह से इतनी सुंदरता सुंदरता
एक धड़कन है तू दिल के लिये
एक जान है तू जीने के लिये जीने के लिये
जीवन से भरी तेरी आँखें
मधुबन कि सुगंध है साँसों में
बाहों में कंवल की कोमलता
किरणों का तेज है चेहरे पे
किरणों का तेज है चेहरे पे
हिरनों की है तुझ में चंचलता चंचलता
आंचल का तेरे एक तार बहुत
कोई छाक जिगर सीने के लिये सीने के लिये
जीवन से भरी तेरी आँखें
मजबूर करे जीने के लिये जीने के लिये
जीवन से भरी तेरी आँखें
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