बैठे बैठे आज आयी मेरे मन में
बन जाऊ मैं घटा उड़ जाऊ गगन में
बैठे बैठे आज आयी मेरे मन में
बन जाऊ मैं घटा उड़ जाऊ गगन में
उड़ जाऊ गगन में
बैठे बैठे आज आयी मेरे मन में
बन जाऊ मैं घटा उड़ जाऊ गगन में
उड़ जाऊ गगन में
उड़ जाऊ गगन में
उड़ जाऊ गगन में
उड़ जाऊ गगन में
कभी खेलु मैं फूलो से
कभी सावन के झूलों से
कभी खेलु मैं फूलो से
कभी सावन के झूलों से
डाली डाली पे मै लहरौ
बैठे बैठे आज आयी मेरे मन में
बन जाऊ मैं हवा खो जाऊ चमन में
खो जाऊ चमन में
उड़ जाऊ गगन में
उड़ जाऊ गगन में
उड़ जाऊ गगन में
ये जो सुबह नवेली है
रैना की सहेली है
ये जो सुबह नवेली है
रैना की सहेली है
दोनों हास् के गले मिल रहे
बैठे बैठे आज आयी मेरे मन में
बन जाऊ मैं ष इस मधुर मिलन में
इस मधुर मिलन में
उड़ जाऊ गगन में
उड़ जाऊ गगन में
फूल सारे नहीं खिलते
चाँद सबको नहीं मिलते
फूल सारे नहीं खिलते
चाँद सबको नहीं मिलते
धुन्धु मैं कहा फिर उजला
बैठे बैठे आज आयी मेरे मन में
बन जउमै दिया जल जाऊ आँगन में
जल जाऊ आँगन में
उड़ जाऊ गगन में
उड़ जाऊ गगन में
उड़ जाऊ गगन में
उड़ जाऊ गगन में
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