तुम हमसे मिलो हम तुमसे मिले
लोगो को मंज़ूर नहीं मंज़ूर नहीं
तुम हमसे मिलो हम तुमसे मिले
ये लोगो को मंज़ूर नहीं मंज़ूर नहीं
वो बात बहला फिर कैसे हो
जो दुनिया का दस्तूर नहीं
दस्तूर नहीं
होठों पे हँसी लाके अपने
अशको को छुपाया है हमने
आँखे भी चुराई है हमने
दामन भी बचाया है हमने ओ ओ ओ
ये याद रहे लेकिन तुमको
मजबूर है हम
मगरूर नहीं मगरूर नहीं
तुम हमसे मिलो हम तुमसे मिले
ये लोगो को मंज़ूर नहीं मंज़ूर नहीं
दुनिया की दीवारें लेकिन
ये उल्फ़त तोड़ ही देती है
ये टूटे दिल टूटे रिश्ते
ये किस्मत जोड़ भी देती है ओ ओ हो
जिस दिन हम तुम मिल जायेंगे
वो दिन शायद अब दूर नही अब दूर नही
तुम हमसे मिलो हम तुमसे मिले
ये लोगो को मंज़ूर नहीं मंज़ूर नहीं
वो बात बहला फिर कैसे हो
जो दुनिया का दस्तूर नहीं
दस्तूर नहीं
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