Shukriya Shukriya Shukriya

ए मेरी जाने ग़ज़ल तारीफ के काबिल है तू
ज़िन्दगी तन्हाईयो का नाम है महफ़िल है तू
शुक्रिया शुक्रिया शुक्रिया शुक्रिया
सुक्रिया तेरे प्यार भरे अहसानो का
शुक्रिया शुक्रिया शुक्रिया शुक्रिया
सुक्रिया
कहा सुना माफ़ हम दीवानों का
कहा सुना माफ़ हम दीवानों का
तेरे प्यार भरे अहसानो का
शुक्रिया शुक्रिया शुक्रिया शुक्रिया
सुक्रिया

तेरा कितना मस्कर हूँ मै
तेरा कितना मस्कर हूँ मै
चल सकता नहीं मजबूर हु मै
लगता है नशे में चूर हूँ मैं
चूर हूँ मैं
तेरी आँखों के पैमानों का
शुक्रिया शुक्रिया शुक्रिया शुक्रिया
सुक्रिया

एक अपनी निशानी छोड़ गए
एक अपनी निशानी छोड़ गए
कुछ यादें पुराणी छोड़ गए
अरमा ये कहानी छोड़ गए
इसी दिल के इन मेहमानों का
शुक्रिया शुक्रिया शुक्रिया शुक्रिया
सुक्रिया

अपनी साडी मुलाकातों का
जो साथ काटि उन रातो का
अपनी साडी मुलाकातों का
जो साथ काटि उन रातो का
जो हम्मे हुई उन बातों का
उन्हीं बातों के अफ़सानो का
शुक्रिया शुक्रिया शुक्रिया शुक्रिया
सुक्रिया
कहा सुना माफ़ हम दीवानों का
कहा सुना माफ़ हम दीवानों का
तेरे प्यार भरे अहसानो का
शुक्रिया शुक्रिया शुक्रिया शुक्रिया
सुक्रिया
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