Sansar Ki Har Shae

संसार की हर शय का इतना ही फ़साना है
एक धुँध से आना है एक धुँध में जाना है

ये राह कहाँ से है ये राह कहाँ तक है
ये राज़ कोई राही समझा है न जाना है
संसार की हर शय का इतना ही फ़साना है
एक धुँध से आना है एक धुँध में जाना है

एक पल की पलक पर है ठहरी हुई ये दुनिया
एक पल के झपकने तक हर खेल सुहाना है
संसार की हर शय का इतना ही फ़साना है
एक धुँध से आना है एक धुँध में जाना है

क्या जाने कोई किस पल किस मोड़ पे क्या बीते
इस राह में ऐ राही हर मोड़ बहाना है
संसार की हर शय का इतना ही फ़साना है
एक धुँध से आना है एक धुँध में जाना है
ला ला ला ला ला ला ला ला ला
ला ला ला ला ला ला ला ला ला
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