हाय जबसे लगन लगाई रे उम्र भर
नींद न आयी रे उम्र भर
जबसे लगन लगाई रे उम्र भर
नींद न आयी रे उम्र भर
साथी छोडे संगी छोडे
जनम जनम के
बंधन तोड़े
जनम जनम के
साथी छोडे संगी छोडे
जनम जनम के
बंधन तोड़े
बदनामी के रिश्ते जोड़े
बदनामी के रिश्ते जोड़े
तब तुझ तक आ पायी रे
न कर अब तो निठुराई रे
न कर अब
न कर अब तो निठुराई रे
न कर अब तो निठुराई रे
उम्र भर नींद न
आयी रे उम्र भर
जबसे लगन लगाई रे उम्र भर
नींद न आयी रे उम्र भर
मन की कुटिया सुनी सुनी
देख बनी चन्दन की धूनी
मन की कुटिया सुनी सुनी
देख बनी चन्दन की धूनी
बहुत हुई अब आँख मिचौनी
बहुत हुई अब आँख मिचौनी
अब तो ले सुनवायी रे
सुबह संध्या बन आयी
सुबह संध्या बन आयी
उम्र भर नींद न
आयी रे उम्र भर
सुबह संध्या बन आयी रे
उम्र भर नींद न
आयी रे उम्र भर
जबसे लगन लगाई रे उम्र भर
नींद न आयी है
हाय नींद न आयी
जबसे लगन लगायी(हाय नींद न आयी)
जबसे लगन लगायी(हाय नींद न आयी)
जबसे लगन लगायी(हाय नींद न आयी)
जबसे हा हा हा
हा हा हा हा हा हा
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