यूँ सजा चाँद
यूँ सजा चाँद के छलका
तेरे अंदाज़ का रंग
यूँ फ़ज़ा महकी के बदला
मेरे हमराज़ का रंग
यूँ सजा चाँद के छलका
तेरे अंदाज़ का रंग
यूँ फ़ज़ा महकी के बदला
मेरे हमराज़ का रंग
यूँ सजा चाँद के छलका
तेरे अंदाज़ का रंग
साया ए चश्म में हैराँ रूखे
रोशन का जमाल
साया ए चश्म में हैराँ रूखे
रोशन का जमाल
सुर्ख़ी ए लब में परेशाँ तेरी आवाज़ का रंग
यूँ फ़ज़ा महकी के बदला
मेरे हमराज़ का रंग
यूँ सजा चाँद के छलका
तेरे अंदाज़ का रंग
बे पिये हूँ के
अगर लुत्फ़ करो आख़िर ए शब
बे पिये हूँ के
अगर लुत्फ़ करो आख़िर ए शब
शीशा ओ मय में ढले सुबह के
आग़ाज़ का रंग
यूँ फ़ज़ा महकी के बदला
मेरे हमराज़ का रंग
यूँ सजा चाँद के छलका
तेरे अंदाज़ का रंग
जब घुले रंग भी थे अपने
लहू के दम से
जब घुले रंग भी थे अपने
लहू के दम से
दिल ने लय बदली
तो मद्धम हुआ हर साज़ का रंग
यूँ फ़ज़ा महकी के बदला
मेरे हमराज़ का रंग
यूँ सजा चाँद के छलका
तेरे अंदाज़ का रंग
यूँ फ़ज़ा महकी के बदला
मेरे हमराज़ का रंग
यूँ सजा चाँद के छलका
तेरे अंदाज़ का रंग
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