Tere Ho ke Rahenge

कल थे मिले
फिर क्यूँ लगे ऐसे
तुमसे मिले
अरसा हुआ जैसे
अब तू बता जो हो पता
तेरे बिना लम्हा लम्हा जियेंगे कैसे

तेरी बाहों का घेरा बड़ा महफूज़ लगे है
बड़ी बेखौफ़ जगह है ये ओ ओ
इनमे ही रहना चाहें तेरी पनाहें
जब तक है जीना चाहेंगे
ओ ओ तेरे होके रहेंगे
ओ ओ दिल ज़िद पे अड़ा है
ओ ओ तेरे होके रहेंगे
ओ ओ तेरा शौक़ चढ़ा है
ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ

आँखों में सपनो को रख ले मेरे
इनको ना जग तोड़ दे
फिर मेरी किस्मत को जैसे हो दिल
वैसा ही तू मोड़ दे
तू ही तो है हौसला
चाहत का तू है सिला
जीते जी ना जी सकें
कहीं अब जो तू ना मिला
ओ ओ तेरे होके रहेंगे
ओ ओ दिल ज़िद्द पे अड़ा है
ओ ओ तेरे हो के रहेंगे
ओ ओ तेरा शौक़ चढ़ा है
ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
Log in or signup to leave a comment

NEXT ARTICLE