शायद मैं।

शायद मैं।
खो रहा
प्होंचने से पहले मैं
रो रहा...
कोख - मेरी आंख, के मैं
सो रहा...
क्यूं अंधेरा मुझे 'बोच रहा?

मुझे... आईने से
निकालो

मुझे... खुद (स्वयं) से
बचा लो

मुझे... कोई तो
निकालो

मुझे...खुद में
बसा लो

मैं नही रहना चाहता अब अकेले...!
मैं नहीं ब'ताना चाहता दिन अकेले
मैं नहीं कहना चाहता - हूं अकेले

कुछ समे से
हूं अकेले...!
कुछ समे से...!
हूं अकेले
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