Jawani Ka Yeh Alam Hai

जवानी का जवानी का ये आलम है
खुदा हाफिज तुम्हारा
तड़प जाता है इस डर से
कभी दिल भी हा हमारा
के दुश्मन कोई भी हमारा बने ना
हमारे सिवा कोई तुम्हारा बने ना
के दुश्मन कोई भी हमारा बने ना
हमारे सिवा कोई तुम्हारा बने ना
हा जवानी का ये आलम है
खुदा हाफिज तुम्हारा

सारे नज़ारे कहते है तुमसे
देद़ो हमें भी शोखी नजर की
झुकने लगी है हा कदमों में बाजी
ऐसी लचक है पतली कमर की
चिकनी चिकनी बाहें बर्फीली ये राहें
हमको करती है दीवाना हा जवानी का
जवानी का ये आलम है
खुदा हाफिज तुम्हारा

हे ए अल्ला ला ला ला लल्ला ला ला
ला ला लल्ला ला ला ला ला

दिल की निराली दुनिया में आओं
ऐसी सुहानी बस्ती मिलेगी
हाथों में कोई हा सागर ना होगा
आँखों में लेकिन मस्ती मिलेंगी
मतवाली हो य राते रातों में ये बातें
कैसी होती है ना पूछो हा जवानी का
जवानी का ये आलम है
खुदा हाफिज तुम्हारा
तड़प जाता है इस डर से
कभी दिल भी हा हमारा
के दुश्मन कोई भी हमारा बने ना
हमारे सिवा कोई तुम्हारा बने ना
हमारे सिवा कोई तुम्हारा बने ना
हमारे सिवा कोई तुम्हारा बने ना
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