Ishq Par Zor Nahin

सच कहती है दुनिया इसक पे ज़ोर नही
ये पक्का धागा है ये कच्ची डोर नही
इसक पे ज़ोर नही, इसक पे ज़ोर नही
सच कहती है दुनिया इसक पे ज़ोर नही

आ आ आ
आ आ आ

झूठ है ये तो फिर जुल्मी साँवरिया
खा के कसम मेरी बीच बज़रिया
झूठ है ये तो फिर जुल्मी साँवरिया
खा के कसम मेरी बीच बज़रिया
कह दे कोई और है तू मेरा चितचोर नही
सच कहती है दुनिया इसक पे ज़ोर नही

जो मिट जाए रे वो दाग नही ये
जो बुझ जाए वो आग नही ये
जो मिट जाए रे वो दाग नही ये
जो बुझ जाए वो आग नही ये
जो थम जाए वो ये घटा घनघोर नही
सच कहती है दुनिया इसक पे ज़ोर नही

आ आ आ
आ आ आ

हम दोनो इस प्रेम के रोगी
छोड के जग आजा बन जाए जोगी
हम दोनो इस प्रेम के रोगी
छोड के जग आजा बन जाए जोगी
इस रोग की दुनिया मे डॉवा कुच्छ और नही
सच कहती है दुनिया इसाक पे ज़ोर नही
इसाक पे ज़ोर नही, इसक पे ज़ोर नही
सच कहती है दुनिया इसक पे ज़ोर नही
इसक पे ज़ोर नही, इसाक पे ज़ोर नही हम्म हम्म हम्म
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